माता बगलामुखी का यह मंदिर मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित हैं, माँ बगलामुखी मंदिर दसमहाविद्याओं में से एक, बगलामुखी देवी को समर्पित एक प्राचीन और चमत्कारी सिद्ध पीठ है, जहाँ पांडवों ने महाभारत युद्ध में विजय के लिए पूजा की थी; यह मंदिर शत्रु बाधा, वाद-विवाद और तंत्र-साधना के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें 'ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां...' मंत्र का जाप करते हुए घी, हल्दी, सरसों और पीली मिर्च जैसी सामग्री की आहुति दी जाती है
वाक् सिद्धि: वाणी पर नियंत्रण और बोलने में प्रभावशीलता (वाक् सिद्धि) प्राप्त होती है.
करियर और धन: करियर में सफलता और आर्थिक समृद्धि के लिए लाभकारी है.
मानसिक शांति: मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता प्रदान करता है.
नकारात्मकता का अंत: नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सुरक्षा कवच प्रदान करता है.
खासकर नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर में इसका विशेष महत्व है. जहाँ भक्त शक्ति, धन और विद्या प्राप्ति के लिए अनुष्ठान करते हैं, और यह देश के प्रमुख बगलामुखी मंदिरों में से एक है।
पंडित गोपाल शास्त्री जी सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ एवं अनुष्ठानों की विश्वसनीय सेवा प्रदान करते हैं। हमारी सेवाएँ पूर्ण श्रद्धा, शुद्ध विधि-विधान और योग्य विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराई जाती हैं। हम उज्जैन की पावन भूमि पर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, शिप्रा तट , नलखेड़ा बगलामुखी एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर कालसर्प दोष निवारण पूजा, महामृत्युंजय जाप, रुद्राभिषेक, ग्रह शांति, नवग्रह पूजा, पितृ दोष निवारण, विवाह व गृह प्रवेश पूजा आदि अनुष्ठान कराते हैं। इसके साथ ही मुख्य रूप से बगलामुखी हवन जो देवी बगलामुखी को समर्पित एक शक्तिशाली अनुष्ठान है, जो शत्रुओं का नाश, वाद-विवाद में विजय, करियर में सफलता और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है, जिसमें 'ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां...' मंत्र का जाप करते हुए घी, हल्दी, सरसों और पीली मिर्च जैसी सामग्री की आहुति दी जाती है |